विधवा का हिस्सा
पति की चीज़ों में आपका हिस्सा बच्चों के बराबर है।
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कानून क्या कहता है
- हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, धाराएँ 8–10: विधवा अपने पति की क्लास I वारिस है। पति की संपत्ति में वह बच्चों के बराबर हिस्सेदार है, और उसका हिस्सा बेटों को नहीं दिया जा सकता।
- जो संपत्ति विरासत में मिल कर आपकी हो गई, वह पूरी तरह आपकी है (HSA धारा 14)। दूसरी शादी करने से पहले से मिली संपत्ति वापस नहीं जाती।
- सोग के दिनों में दबाव या बहकावे में साइन करवाया गया हक़-त्याग पेपर रद्द करवाया जा सकता है। ऐसे पेपर मौत के बाद के हफ़्तों में ही आते हैं।
- कुछ हालात में ससुर की संपत्ति से गुज़ारा भत्ता भी मिल सकता है (HAMA धारा 19)।
- पेंशन: IGNWPS के तहत BPL विधवा, 40+ उम्र को केंद्र से हर महीने पैसा मिलता है, और राज्य अपना टॉप-अप जोड़ते हैं। कई राज्य योजनाएँ 18 साल से शुरू होती हैं।
असली ज़िंदगी में
- मौत के कुछ हफ़्तों बाद «फ़ॉर्मैलिटीज़ के लिए» लाया गया हक़-त्याग पेपर, DLSA की मुफ़्त सलाह से पहले साइन न करें। एक बार साइन हुआ तो पलटना बहुत मुश्किल। यह सही नहीं है।
- «विधवा का हिस्सा बेटों को जाता है», आप ख़ुद अपने हक़ से क्लास I वारिस हैं। यह सही नहीं है।
- «दोबारा शादी की तो सब वापस», जो पहले मिल चुका, वह आपका रहता है। यह सही नहीं है।
- सोग के वक़्त «थोड़े दिन के लिए» घर से हटा देना, साझा घर में रहने का हक़ विधवा पर भी लागू है। यह सही नहीं है।
- पेंशन «दिलवाने» के लिए कमीशन मांगने वाले एजेंट, पंचायत या ब्लॉक ऑफ़िस में आवेदन मुफ़्त है। यह सही नहीं है।
- पति के बैंक, बीमा और EPF काग़ज़ रिश्तेदारों को «प्रोसेस करवाने» दे देना, क्लेम आपके हैं, आप ही करें। यह सही नहीं है।
सँभाल कर रखें
- डेथ सर्टिफ़िकेट की 8–10 पक्की कॉपियाँ तुरंत लें, नगर निगम या पंचायत से।
- लिस्ट बनाएं क्या-क्या है: बैंक खाते, बीमा, EPF, ज़मीन, घर। फिर नॉमिनी या वारिस बन कर क्लेम करें।
- लीगल-हेयर या सक्सेशन सर्टिफ़िकेट DLSA की मदद से मुफ़्त बनवाएं।
- विधवा पेंशन का आवेदन ग्राम पंचायत, ब्लॉक ऑफ़िस या UMANG पर करें; रसीद संभालें।
- घर और ज़मीन के रिकॉर्ड में अपना नाम चढ़वाएं।
एक कदम आज
मौत के सरकारी काग़ज़ की 8–10 पक्की कॉपियाँ ले लें।
कहाँ जाएँ
ग्राम पंचायत / ब्लॉक ऑफ़िस · ज़िला समाज कल्याण ऑफ़िस · नगर निगम (डेथ सर्टिफ़िकेट) · DLSA
किससे मिलें: BDO / पंचायत सचिव; समाज कल्याण अधिकारी