कर्ज़ आपका नहीं है
पति के लोन की ज़िम्मेदारी अपने-आप आप पर नहीं आती।
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कानून क्या कहता है
- पति के पर्सनल लोन की ज़िम्मेदारी पत्नी पर अपने-आप नहीं आती। कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ़ साइन करने वालों को बांधता है।
- गारंटी तभी है जब आपने सच में गारंटर के तौर पर साइन किया हो (Contract Act धारा 126), और दबाव या धोखे से लिया गया साइन रद्द करवाया जा सकता है (धाराएँ 15–19)।
- RBI के नियम बैंकों, NBFCs और उनके रिकवरी एजेंटों पर लागू हैं: कॉल या विज़िट सिर्फ़ सुबह 8 से शाम 7 तक, धमकी या बेइज़्ज़ती नहीं, और एजेंट को अपना और कंपनी का नाम बताना होगा।
- लेंडर के ग्रीवांस ऑफ़िसर को लिखित शिकायत के 30 दिन में हल न हो, तो cms.rbi.org.in पर मुफ़्त शिकायत करें। रिकवरी-एजेंट हैरेसमेंट इसकी लिस्ट में साफ़ लिखा है।
- एजेंट की धमकी, घर में घुसना या मार-पीट लोन से अलग, सीधा पुलिस का मामला है, 112।
असली ज़िंदगी में
- ब्लैंक पेपर, अधूरा फ़ॉर्म, या जो पढ़ न सकें, उस पर कभी साइन नहीं। «बस साइन कर दो, फ़ॉर्मैलिटी है» से ही गारंटी बना दी जाती है। यह सही नहीं है।
- «सिर्फ़ काग़ज़ पर» गारंटर या को-बॉरोअर बनना, ज़िम्मेदारी काग़ज़ पर ही तो रहती है। यह सही नहीं है।
- किसी और के लोन के लिए अपना आधार और फ़ोटो दे देना। यह सही नहीं है।
- बचत समूह का लोन आपके नाम पर और इस्तेमाल दूसरों का, डिफ़ॉल्ट आपके रिकॉर्ड पर बैठता है। यह सही नहीं है।
- रात को कॉल, बार-बार घर आना, पड़ोसियों के सामने बेइज़्ज़ती, यह सब नियम तोड़ना है, आदत नहीं। हर एक की रिपोर्ट हो सकती है। यह सही नहीं है।
- ऐसे लोन ऐप जो कॉन्टैक्ट्स और फ़ोटो का एक्सेस मांगें, यह ब्लैकमेल का जाना-पहचाना पैटर्न है। यह सही नहीं है।
- «लोन क्लोज़र वेरिफ़ाई करने के लिए» OTP बताना, वही तो फ़्रॉड है। यह सही नहीं है।
सँभाल कर रखें
- साइन से पहले हर लोन पेपर पढ़वा कर सुनें; जो साइन करें उसकी कॉपी रखें।
- रिकवरी कॉल और विज़िट का तारीख़ वाला लॉग रखें, नंबर, टाइम, क्या कहा। मैसेज सेव करें।
- पहले लेंडर के ग्रीवांस ऑफ़िसर को लिखित शिकायत, इसी से मुफ़्त RBI ओम्बड्समैन की 30-दिन घड़ी शुरू होती है।
- उधार लेने से पहले लेंडर सचेत पोर्टल पर चेक करें।
- खाते से फ़्रॉड में पैसा निकले तो तुरंत 1930 पर कॉल करें, पहला घंटा सबसे ज़रूरी है।
एक कदम आज
वसूली के हर फ़ोन और आने-जाने का तारीख़ वाला रिकॉर्ड रखें।
कहाँ जाएँ
लेंडर का ग्रीवांस ऑफ़िसर → 30 दिन बाद RBI ओम्बड्समैन · पुलिस (किसी भी थाने में ज़ीरो FIR) · NBFC-MFI के लिए MFIN
किससे मिलें: ब्रांच ग्रीवांस ऑफ़िसर; थाना प्रभारी